जिला महिला अस्पताल में लापरवाही उजागर — ऑपरेशन की बात कहकर डराया, सीएचसी में हुआ सामान्य प्रसव
जौनपुर। जिला महिला अस्पताल में एक प्रसूता के साथ हुए अमानवीय व्यवहार और भेदभाव का मामला सामने आया है। चंदवक थाना क्षेत्र के बीरी बारी गांव निवासी शमा परवीन (27) पत्नी अरमान शाह को मंगलवार को प्रसव पीड़ा के कारण परिजन जिला महिला अस्पताल ले गए थे। आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों और एक महिला चिकित्सक की देखरेख में उसे न केवल मानसिक कष्ट झेलना पड़ा बल्कि मुस्लिम होने के नाते उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार भी किया गया।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सक सामान्य प्रसव कराने से बचते रहे और बार-बार ऑपरेशन की बात कहकर डराने की कोशिश की गई। इस दौरान सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल भी हुआ। स्थिति से परेशान होकर पीड़िता के पति अरमान शाह पत्नी को जिला महिला अस्पताल से हटाकर नौपेड़वां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। वहां सरकारी चिकित्सक ने शमा परवीन की नॉर्मल डिलीवरी कराई और उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इससे परिजनों में खुशी का माहौल है।
परिजनों ने नौपेड़वां सीएचसी के चिकित्सकों और स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भी सरकारी अस्पताल है, जहां मानवीय व्यवहार और बेहतर सेवा मिली। वहीं जिला महिला अस्पताल की लापरवाही और रवैये पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि जिला महिला अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम से भी जुड़े रहते हैं। आरोप है कि ऐसे चिकित्सक अधिकतर गरीब मरीजों को ऑपरेशन के नाम पर गुमराह कर प्राइवेट प्रैक्टिस से आर्थिक लाभ उठाते हैं। यही नहीं, यदि कोई पीड़ित परिवार आवाज उठाता है तो कथित दलालों और कुछ पत्रकारों के माध्यम से दबाव बनाकर मामले को दबा दिया जाता है।
ग्रामीणों और परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि महिला अस्पताल में तैनात चिकित्सकों की जांच कराई जाए और दोहरी प्रैक्टिस में लिप्त डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो।






