जौनपुर में मनरेगा में सख्ती, फर्जी जॉब कार्ड पर बड़ा एक्शन, जांच और निगरानी तेज
जौनपुर। जिले में मनरेगा योजना को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अब तक लगभग डेढ़ लाख जॉब कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। फिलहाल जिले में मनरेगा के कुल जॉब कार्डधारकों की संख्या 4,79,431 है, जिनमें से 2,97,425 कार्ड सक्रिय पाए गए हैं।
योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी 21 विकासखंडों में जॉब कार्डधारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके तहत काम करने वाले श्रमिकों की फोटो मनरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई है। यह जिम्मेदारी महिला मेठ, रोजगार सेवक और ग्राम सचिव को सौंपी गई है।

सत्यापन की प्रक्रिया तीन चरणों में की जा रही है। पहले चरण में उन कार्डधारकों की पहचान की जा रही है जो पलायन कर चुके हैं, दूसरे में मृत श्रमिकों के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि तीसरे चरण में उन लोगों को चिह्नित किया जा रहा है जिन्होंने नियमों के विपरीत एक से अधिक जॉब कार्ड बनवा रखे हैं। इसी जांच के आधार पर अब तक डेढ़ लाख जॉब कार्ड रद्द किए जा चुके हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है।
मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब गांवों में चल रहे कार्यों का पूरा विवरण, श्रमिकों की संख्या सहित, ऑनलाइन अपलोड कराया जा रहा है। इस व्यवस्था के बाद उन गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जहां श्रमिकों की फोटो अपलोड करने में गड़बड़ी सामने आई है। इसमें करंजाकला विकासखंड के दो गांवों समेत कुछ अन्य गांव भी शामिल हैं।
अनियमितताओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रशासन भविष्य में मनरेगा कार्यों की ड्रोन से निगरानी कराने की भी तैयारी कर रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।






