- ब्रेक डाउन से जूझते उपभोक्ता, जर्जर तारों से जानमाल का खतरा
बदलापुर (जौनपुर)। सिंगरामऊ विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले सिंगरामऊ फीडर की स्थिति बदतर हो चुकी है। उपभोक्ता प्रतिदिन 8 से 10 घंटे ब्रेक डाउन की समस्या का सामना कर रहे हैं। खासकर किसानों को न तो पर्याप्त बिजली मिल रही है और न ही समय पर आपूर्ति। क्षेत्र के बाबा गूदरनाथ मंदिर से उपकेंद्र तक जर्जर तारों को अब तक नहीं बदला गया है, जबकि विभागीय स्तर पर तार, खंभे और अन्य जरूरी सामान पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण सुधार कार्य ठप पड़ा है।

हरिहरपुर गांव के आसपास अक्सर तार टूटकर गिर जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। बीते 4 जुलाई 2024 को बछुआर गांव में तार गिरने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इससे पहले भी एक पशुपालक की भैंस और कई नीलगाय करंट की चपेट में आ चुकी हैं। बारिश या तेज हवा होते ही फीडर फेल हो जाता है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।

क्षेत्र में संविदा पर चार लाइनमैन तैनात हैं, लेकिन शाम होते ही तीन कर्मचारी ड्यूटी छोड़कर चले जाते हैं। अकेले लाइनमैन सूरज गुप्ता ही दिन-रात मरम्मत में जुटा रहता है। विभागीय अधिकारी क्षेत्र में शायद ही कभी नजर आते हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द जर्जर तारों को बदला जाए और सिंगरामऊ फीडर से लालगंज फीडर को अलग कर विद्युत आपूर्ति को बेहतर किया जाए, ताकि आए दिन हो रहे हादसों से राहत मिल सके।





