- जौनपुर में तेज हवा व बारिश से धराशाई हुई धान की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता
जौनपुर। बदलापुर तहसील क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान मोंथा का असर गुरुवार को दूसरे दिन भी देखने को मिला। सुबह तड़के शुरू हुई तेज हवा के साथ बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल हवा के झोंकों से जमीन पर बिछ गई, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखीं।
मौसम विभाग के अनुसार मोंथा तूफान का प्रभाव एक नवंबर तक जारी रहेगा। बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक लगातार हुई बारिश और तेज हवा से अगेती धान की लगभग पांच से छह प्रतिशत फसल पूरी तरह धराशाई हो चुकी है। वहीं करीब चार प्रतिशत फसल जो पहले ही काटकर खेतों में छोड़ी गई थी, वह भी भीगकर खराब हो गई है। कुल मिलाकर लगभग 10 प्रतिशत तक नुकसान की संभावना जताई जा रही है।

स्थानीय किसान अरविंद ने बताया कि बारिश और हवा से धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। खेतों में रखी कटी हुई फसल अब सड़ने लगी है। उन्होंने कहा कि “धान के साथ-साथ आलू, लहसुन और धनिया की फसलें भी नुकसान झेल रही हैं। वहीं कुछ नई बोई गई फसलों को नमी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।”
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 31 अक्टूबर को भी रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, जिससे किसानों को और परेशानी हो सकती है।

कुल मिलाकर, तूफान मोंथा के प्रभाव से बदलापुर क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। खड़ी फसलों के गिरने और कटी फसलों के सड़ने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।






